यादव की गाथा Story of The Yadav
आर्यों की एक पराक्रमी शाखा - यादव ( महाराज यदु के वंशज) यादव वंश प्रमुख रूप से आभीर (वर्तमान अहीर) प्राचीन, मध्यकालीन व आधुनिक भारत की कई जातियाँ तथा राज वंश स्वयं को यदु का वंशज बताते है और यादव नाम से जाने जाते है।
क्रिस्टोफ़ जफ़्फ़ेर्लोट के अनुसार
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यादव शब्द कई उपजातियों को आच्छादित
करता है जो मूल रूप से अनेक नामों से जानी जाती है, हिन्दी क्षेत्र,
पंजाब व गुजरात में- अहीर, महाराष्ट्र,
गोवा में - गवली, आंध्र व कर्नाटक में- गोल्ला,
तमिलनाडु में - कोनर, केरल में - मनियार जिनका सामान्य पारंपरिक कार्य चरवाहे, गोपालक व दुग्ध-विक्रेता का था।]
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लुकिया मिचेलुत्ती के विचार से -
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यादव लगातार अपने जातिस्वरूप आचरण व
कौशल को उनके वंश से जोड़कर देखते आये हैं जिससे उनके वंश की विशिष्टता स्वतः ही
व्यक्त होती है। उनके लिए जाति मात्र पदवी नहीं है बल्कि रक्त की गुणवत्ता है, और ये द्रष्टव्य नया नहीं है। अहीर (वर्तमान में यादव) जाति की
वंशावली एक सैद्धांतिक क्रम के आदर्शों पर आधारित है तथा उनके पूर्वज, गोपालक योद्धा श्रीकृष्ण पर केंद्रित है, जो कि एक क्षत्रिय थे।
अहीर ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से एक
लड़ाकू जाति है। 1920 मे ब्रिटिश शासन ने अहीरों को एक सैनिक जाति के रूप मे वर्गीकृत किया था जो कि
उस काल में "लड़ाकू जाति" का पर्याय थी। , जबकि वे उससे पहले से भी सेना में
भर्ती होते आ रहे थे। तब
ब्रिटिश सरकार ने अहीरों की चार कंपनियाँ बनायीं थी, इनमें से दो 95वीं रसेल इंफेंटरी में थी। 1962
के भारत चीन युद्ध के दौरान 13 कुमाऊं रेजिमेंट की अहीर कंपनी द्वारा रेजंगला का
मोर्चा पर यादव सैनिकों का पराक्रम व बलिदान भारत में आज तक सराहनीय माना जाता
है। और उनकी बहादुरी की याद में युद्ध बिंदु स्मारक को "अहिर धाम" नाम
दिया गया।
वे भारतीय सेना की राजपूत रेजीमेंट, कुमाऊं रेजिमेंट, जाट रेजिमेंट, राजपूताना राइफल्स, बिहार रेजिमेंट, ग्रेनेडियर्समें भी भागीदार हैं।
भारतीय हथियार बंद सेना में आज तक बख्तरबंद कोरों व तोपखानों में अहीरों
की एकल टुकड़ियाँ विद्यमान हैं। जिनमें उन्हें वीरता और बहादुरी के विभिन्न
पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।
शौर्य पुरस्कार
विजेता सैनिक
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ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव, परम वीर चक्र
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कमांडर बी. बी. यादव, महावीर चक्र
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लांस नायक चंद्रकेत प्रसाद यादव, वीर चक्र
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मेजर जय भगवान सिंह यादव, वीर चक्र
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विंग कमांडर कृष्ण कुमार यादव, वीर चक्र
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नायक गणेश प्रसाद यादव, वीर चक्र
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नायक कौशल यादव,
वीर चक्र
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जगदीश प्रसाद यादव, अशोक
चक्र(मरणोपरांत)
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सुरेश चंद यादव,
अशोक चक्र(मरणोपरांत)
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स्क्वाड्रन लीडर दीपक यादव, कीर्ति
चक्र(मरणोपरांत)
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सूबेदार महावीर सिंह यादव, अशोक चक्र(मरणोपरांत)
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पायनियर महाबीर यादव, शौर्य
चक्र(मरणोपरांत)
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पैराट्रूपर,
सूबे सिंह यादव, शौर्य चक्र
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सेप्पर आनंदी यादव, इंजीनियर्स,शौर्य चक्र(मरणोपरांत)
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नायक गिरधारीलाल यादव, शौर्य
चक्र(मरणोपरांत)
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हरि मोहन सिंह यादव, शौर्य चक्
अनेको राजा और महाराजा हुए , शिवाजी और पेशवा की सेना में इतने बहादुर सरदार
थे कि सबके नाम अगर दू तो 80 से अधिक तो मेरे पास ही उपलब्ध है अत: इसके लिए एक
किताब लिखनी पड़ेगी महान यादव जाति को नमन करते हुए फिर किसी अन्य जाति के गौरवशाली
इतिहास के साथ मिलने का वादा करते हुए अभी बस इतना ही
धन्यवाद
विधुभूषण
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